Radio and PodcastRadio and PodcastLive Radio & Podcasts
Yatra cover
Arts

Yatra

Ankit Pandey

This podcast has some good content, some well written poetry and stories. Here I'm reciting some old stuf I've written so far. Support this podcast:

Episodes

20 of 55 episodes

घर (Ghar)

सवाल तो कई हैं पर अब घर तो घर है, जरूरतों को पूरा करने का घर, तन का घर-मन का घर, मेरा घर, उसका घर, छत वाला घर, खपरैलों में छुपा घर या फिर एक...

00:02:52Apr 9, 2024

विंटेज (Vintage)

________________________ पुराने वृक्षों की खाल की रन्ध्रों में उग आते हैं छोटे-बड़े छातेनुमा पीले, मटमैले मशरूम मेरी पुरानी स्मृतियों में जिस...

00:01:01Jan 20, 2024

Haan Tum Bilkul Waisi ho- Intezaarnama

Khayal hi nahi, ishq bhi hai intezaarnama.

00:01:48Jan 6, 2024

बढ़ई और चिड़िया (Badhai aur chidiya)

केदारनाथ सिंह शायद हिन्दी के समकालीन काव्य परिदृश्य में अकेले ऐसे कवि हैं, जो एक ही साथ गाँव के भी कवि हैं और शहर के भी। उनकी यह कविता शायद...

00:01:48Oct 21, 2023

माँ और परछाई (Maa aur Parchhayi)

एक अहसास कि माँ अभी मेरी हथेली पर अपना हाथ मल कर गईं और छोड़ गईं खुद को शीशे में, मुझ में...

00:01:28Feb 28, 2023

जाना- इन्तज़ारनामा 2 (Jaana- Intzarnama 2)

इतिहास में इंतजार की कोई जगह नहीं होती। इन्तज़ारनामा 2, ऑडियो- Santoor Flute Raag Jhinihoti by Pt. Shri Shiv kumar sharma, Pt. Shri Hariprasa...

00:02:48Feb 26, 2023

अव्यवस्थित ढंग (Avyavasthit Dhang)

मेरा तुम्हारे लिए अव्यवस्थित ढंग से किया गया प्रेम हमेशा सबसे सुंदर रहा।। Poem by - Ankit

00:00:52Feb 24, 2023

फूल सी कविता (Phool si Kavita)

बहुत दिनों से फूल धरे हैं घर में टेबल की छत्ती पर मुरझाए से सिकुड़े सारे जैसे मेरा मन मुरझाया, मेरे मन के मुरझाने पर तुम तो पानी दे आँखों का...

00:01:38Feb 22, 2023

इन्तज़ारनामा - चिट्ठी (Chitthi)

चिट्ठी खतम हो गयी थी। प्रेमनुराग आँखों से जलप्रपात की तरह तरल हो निकला था। तभी विविध भारती में घर के बाहर से जाती कार में सुनाई दिया। बाबूजी...

00:04:26Feb 11, 2023

अब और नहीं होता (Ab aur nahi hota)

हम कई बार जी लेना चाहते हैं, कविताओं में, वक़्तों के हिस्सों में, उसी जगह से एक कविता.-- मेरी सारी कविताओं में सिमट जाते हैं हम दोनों- खिलखिल...

00:01:02Feb 8, 2023

इन्तज़ारनामा (intezarnama)

इमैजिनेशन की वो दुनिया जिसमें सब खूबसूरत है, बेहद खूबसूरत, आपके लिये।।

00:02:26Feb 5, 2023

प्रेम की जगह अनिश्चित है (Prem ki jagah anishchit hai) - Vinod kumar shukl

हमेशा की तरह हतप्रभ कर देने वाले विनोद कुमार शुक्ल जी की यह कविता...

00:00:59Dec 4, 2022

मेरा तुम्हारा रिश्ता (Mera Tumhara Rishta- Faiz)

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ साहब की ये नज़्म जो रिश्ते बयां करती है।।

00:01:00Nov 30, 2022

रश्मियाँ (Rashmiyan)

Let's define the beauty...

00:00:59Jul 27, 2022

ऊमर के फूल (oomar ke phool)

जीवन की अनियमितताएं, सच, मृत्यु, सब कुछ एक मात्र फूल में निहित...!!

00:01:20Jun 17, 2022

चिट्ठी (Chitthi)

चिट्ठियां कैप्शन नहीं ले कर चलतीं।

00:02:19Apr 7, 2022

उंगलियों का विज्ञान (Ungaliyon Ka Vigyaan)

Science is fiction, Spirituality is real or Science is real and Spirituality is function ? Choose wisely, until then, listen this poem.

00:01:14Mar 8, 2022

मैं तुम्हारी देह पर (Mai Tumhari Deh Par)

प्रेमानुभूति प्रक्रिया से क्रिया का सफलतम रूप होती है।

00:01:00Jan 7, 2022

दिसम्बर के दिन (Days of December)

दिसम्बर के दिन सालों से पुछल्ले माने जाते रहे हैं पर असल में नीव की तरह काम में लगे होते हैं वो भी आगे आने वाले साल के लिए। इसी कोशिश में ये...

00:02:11Jan 6, 2022

Tonight i can write by Neruda

Translation by Ankit, Written by Pablo Neruda.. It's just a try...

00:02:16Oct 15, 2021