
घर (Ghar)
Apr 9, 2024 - 00:02:52
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हम कई बार जी लेना चाहते हैं, कविताओं में, वक़्तों के हिस्सों में, उसी जगह से एक कविता.-- मेरी सारी कविताओं में सिमट जाते हैं हम दोनों- खिलखिलाकर गले लगते हैं कहते हैं दो-चार बातें और हो जाते हैं अपने आप में मशरूफ़- किसी दि...
अब और नहीं होता (Ab aur nahi hota) is an episode from Yatra by Ankit Pandey. हम कई बार जी लेना चाहते हैं, कविताओं में, वक़्तों के हिस्सों में, उसी जगह से एक कविता.-- मेरी सारी कविताओं में सिमट जाते हैं हम दोनों- खिलखिलाकर गले लगते हैं कहते ह...
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Published Feb 8, 2023, 00:01:02 long, audio available.