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बढ़ई और चिड़िया (Badhai aur chidiya) artwork
Arts

बढ़ई और चिड़िया (Badhai aur chidiya)

Yatra by Ankit Pandey

Oct 21, 202300:01:48Arts

केदारनाथ सिंह शायद हिन्दी के समकालीन काव्य परिदृश्य में अकेले ऐसे कवि हैं, जो एक ही साथ गाँव के भी कवि हैं और शहर के भी। उनकी यह कविता शायद ऊँघते काटे जा रहे जंगलों की कराह होगी जो मुझे पढ़ने मिली।