
घर (Ghar)
Apr 9, 2024 - 00:02:52
Radio and PodcastLive Radio & Podcasts
केदारनाथ सिंह शायद हिन्दी के समकालीन काव्य परिदृश्य में अकेले ऐसे कवि हैं, जो एक ही साथ गाँव के भी कवि हैं और शहर के भी। उनकी यह कविता शायद ऊँघते काटे जा रहे जंगलों की कराह होगी जो मुझे पढ़ने मिली।
बढ़ई और चिड़िया (Badhai aur chidiya) is an episode from Yatra by Ankit Pandey. केदारनाथ सिंह शायद हिन्दी के समकालीन काव्य परिदृश्य में अकेले ऐसे कवि हैं, जो एक ही साथ गाँव के भी कवि हैं और शहर के भी। उनकी यह कविता शायद ऊँघते काटे जा रहे जंगलो...
This episode belongs to Yatra.
Use the player on this page to stream the episode online.
Published Oct 21, 2023, 00:01:48 long, audio available.