घर (Ghar)Apr 9, 2024 - 00:02:52सवाल तो कई हैं पर अब घर तो घर है, जरूरतों को पूरा करने का घर, तन का घर-मन का घर, मेरा घर, उसका घर, छत वाल...View more
विंटेज (Vintage)Jan 20, 2024 - 00:01:01________________________ पुराने वृक्षों की खाल की रन्ध्रों में उग आते हैं छोटे-बड़े छातेनुमा पीले, मटमैले...View more
Haan Tum Bilkul Waisi ho- IntezaarnamaJan 6, 2024 - 00:01:48Khayal hi nahi, ishq bhi hai intezaarnama.
बढ़ई और चिड़िया (Badhai aur chidiya)Oct 21, 2023 - 00:01:48केदारनाथ सिंह शायद हिन्दी के समकालीन काव्य परिदृश्य में अकेले ऐसे कवि हैं, जो एक ही साथ गाँव के भी कवि है...View more
माँ और परछाई (Maa aur Parchhayi)Feb 28, 2023 - 00:01:28एक अहसास कि माँ अभी मेरी हथेली पर अपना हाथ मल कर गईं और छोड़ गईं खुद को शीशे में, मुझ में...
जाना- इन्तज़ारनामा 2 (Jaana- Intzarnama 2)Feb 26, 2023 - 00:02:48इतिहास में इंतजार की कोई जगह नहीं होती। इन्तज़ारनामा 2, ऑडियो- Santoor Flute Raag Jhinihoti by Pt. Shri Sh...View more
अव्यवस्थित ढंग (Avyavasthit Dhang)Feb 24, 2023 - 00:00:52मेरा तुम्हारे लिए अव्यवस्थित ढंग से किया गया प्रेम हमेशा सबसे सुंदर रहा।। Poem by - Ankit
फूल सी कविता (Phool si Kavita)Feb 22, 2023 - 00:01:38बहुत दिनों से फूल धरे हैं घर में टेबल की छत्ती पर मुरझाए से सिकुड़े सारे जैसे मेरा मन मुरझाया, मेरे मन के...View more