
Amritvani - English
Aug 19, 2025
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रे मन प्रभु से प्रीति करो।प्रभु के प्रेम भक्ति श्रद्धा से,अपना आप भरो।ज्यों चकोर चंदा बिन व्याकुल दीवाना हो जाए, जल बिन मीन तड़प कर जैसे, अपनी जान गँवाए ।रह न सको बिन प्रभु के तुम भी ऐसा ध्यान धरो, ऐसा ध्यान धरो।।रे मन प्...