
Amritvani - English
Aug 19, 2025
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हरि बिन क्यूँ जीऊँ री माय।हरि कारण बौरी भई, जस काठहि घुन खाय।औषध मूल न संचरै, मोहि लागौ बौराय।कमठ दादुर बसत जलमँह, जलहि ते उपजाय।हरि ढूढँन गई बन-बन, कहुँ मुरली धुन पाय।मीरा के प्रभु लाल गिरधर, मिलि गये सुखदाय।
हरि बिन क्यूँ जीऊँ री माई - नंदिनी is an episode from भजन - कीर्तन - आरती - Bhajan - Kirtan - Arati by Shri Ram Parivar. हरि बिन क्यूँ जीऊँ री माय।हरि कारण बौरी भई, जस काठहि घुन खाय।औषध मूल न संचरै, मोहि लागौ बौराय।कमठ दादुर बसत जलमँह, जलहि...
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Published Jun 9, 2025.