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बेताल पच्चीसी : ग्यारहवीं कहानी : सबसे अधिक सुकुमार कौन : Sabse adhik sukumaar kaun artwork
Kids & family

बेताल पच्चीसी : ग्यारहवीं कहानी : सबसे अधिक सुकुमार कौन : Sabse adhik sukumaar kaun

Stories of Vikram Betaal विक्रम बेताल की कहानियाँ by Bingepods

Apr 12, 20183:01Kids & family

सबसे अधिक सुकुमार कौन? - बेताल पच्चीसी ग्यारहवीं कहानी!! गौड़ देश में वर्धमान नाम का एक नगर था, जिसमें गुणशेखर नाम का राजा राज करता था। उसके अभयचन्द्र नाम का दीवान था। उस दीवान के समझाने से राजा ने अपने राज्य में शिव और...

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बेताल पच्चीसी : ग्यारहवीं कहानी : सबसे अधिक सुकुमार कौन : Sabse adhik sukumaar kaun is an episode from Stories of Vikram Betaal विक्रम बेताल की कहानियाँ by Bingepods . सबसे अधिक सुकुमार कौन? - बेताल पच्चीसी ग्यारहवीं कहानी!! गौड़ देश में वर...

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Published Apr 12, 2018, 3:01 long, audio available.

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What is बेताल पच्चीसी : ग्यारहवीं कहानी : सबसे अधिक सुकुमार कौन : Sabse adhik sukumaar kaun about?

सबसे अधिक सुकुमार कौन? - बेताल पच्चीसी ग्यारहवीं कहानी!! गौड़ देश में वर्धमान नाम का एक नगर था, जिसमें गुणशेखर नाम का राजा राज करता था। उसके अभयचन्द्र नाम का दीवान था। उस दीवान के समझाने से राजा ने अपने राज्य में शिव और विष्णु की पूजा, गोदान, भूदान, पिण्डदान आदि सब बन्द कर दिये। नगर में डोंडी पिटवा दी कि जो कोई ये काम करेगा, उसका सबकुछ छीनकर उसे नगर से निकाल दिया जायेगा। एक दिन दीवान ने कहा, "महाराज, अगर कोई किसी को दु:ख पहुँचाता है और उसके प्राण लेता है तो पाप से उसका जन्म-मरण नहीं छूटता। वह बार-बार जन्म लेता और मरता है। इससे मनुष्य का जन्म पाकर धर्म बढ़ाना चाहिए। आदमी को हाथी से लेकर चींटी तक सबकी रक्षा करनी चाहिए। जो लोग दूसरों के दु:ख को नहीं समझते और उन्हें सताते हैं, उनकी इस पृथ्वी पर उम्र घटती जाती है और वे लूले-लँगड़े, काने, बौने होकर जन्म लेते हैं।" राजा ने कहा "ठीक है।" अब दीवान जैसे कहता, राजा वैसे ही करता। दैवयोग से एक दिन राजा मर गया। उसकी जगह उसका बेटा धर्मराज गद्दी पर बैठा। एक दिन उसने किसी बात पर नाराज होकर दीवान को नगर से बाहर निकलवा दिया। कुछ दिन बाद, एक बार वसन्त ऋतु में वह इन्दुलेखा, तारावली और मृगांकवती, इन तीनों रानियों को लेकर बाग़ में गया। वहाँ जब उसने इन्दुलेखा के बाल पकड़े तो उसके कान में लगा हुआ कमल उसकी जाँघ पर गिर गया। कमल के गिरते ही उसकी जाँघ में घाव हो गया और वह बेहोश हो गयी। बहुत इलाज हुआ, तब वह ठीक हुई। इसके बाद एक दिन की बात कि तारावली ऊपर खुले में सो रही थी। चांद निकला। जैसे ही उसकी चाँदनी तारावली के शरीर पर पड़ी, फफोले उठ आये। कई दिन के इलाज के बाद उसे आराम हुआ। इसके बाद एक दिन किसी के घर में मूसलों से धान कूटने की आवाज हुई। सुनते ही मृगांकवती के हाथों में छाले पड़ गये। इलाज हुआ, तब जाकर ठीक हुए। इतनी कथा सुनाकर बेताल ने पूछा, "महाराज, बताइए, उन तीनों में सबसे ज्यादा कोमल कौन थी?" राजा ने कहा, "मृगांकवती, क्योंकि पहली दो के घाव और छाले कमल और चाँदनी के छूने से हुए थे। तीसरी ने मूसल को छुआ भी नहीं और छाले पड़ गये। वही सबसे अधिक सुकुमार हुई।" राजा के इतना कहते ही बेताल नौ-दो ग्यारह हो गया। राजा बेचारा फिर मसान में गया और जब वह उसे लेकर चला तो उसने एक और कहानी सुनायी।

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बेताल पच्चीसी : ग्यारहवीं कहानी : सबसे अधिक सुकुमार कौन : Sabse adhik sukumaar kaun is an episode from Stories of Vikram Betaal विक्रम बेताल की कहानियाँ by Bingepods .

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This episode is 3:01 long.

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This episode was published on Apr 12, 2018.

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