
सिंहासन बत्तीसी : बत्तीसवीं पुतली रानी रूपवती : Rani Roopvati
Sep 3, 2019 - 9:01
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जयलक्ष्मी तीसवीं पुतली जयलक्ष्मी ने जो कथा कही वह इस प्रकार है- राजा विक्रमादित्य जितने बड़े राजा थे उतने ही बड़े तपस्वी। उन्होंने अपने तप से जान लिया कि वे अब अधिक से अधिक छ: महीने जी सकते हैं। अपनी मृत्यु को आसन्न समझकर...