Radio and PodcastRadio and PodcastLive Radio & Podcasts
Bhagavad Gita Class (Ch3) in Sanskrit by Dr. K.N. Padmakumar (Samskrita Bharati) cover
Religion & Spirituality

Bhagavad Gita Class (Ch3) in Sanskrit by Dr. K.N. Padmakumar (Samskrita Bharati)

Samskrita Bharati

॥ भगवद्गीतायाः व्याख्यानं भगवद्भाषया श्रोतुं सुवर्णावसरः ॥ अध्यापकः - Dr. पद्मकुमारमहोदयः श्लोकपठनम्, पदच्छेदः, पदसंस्कारः, प्रतिपदार्थः, आकाङ्क्षापद्धत्या अन्वयक्रमः, तात्पर्यं च । सरलसंस्क...

Bhagavad Gita Class (Ch3) in Sanskrit by Dr. K.N. Padmakumar (Samskrita Bharati) Podcast Guide

Listen to Bhagavad Gita Class (Ch3) in Sanskrit by Dr. K.N. Padmakumar (Samskrita Bharati), a Religion & Spirituality podcast by Samskrita Bharati. Stream 34 episodes in English, follow new audio stories, and play episodes online on Radio and Podcast.

Show Topic

Browse this show under Religion & Spirituality podcasts.

Episodes

20 episodes are loaded now from a catalog of 34. More episodes can be opened from this page.

Episodes

20 of 34 episodes

03-40-43

https://archive.org/download/BhagavadGitaSanskrit/03-40-43-SBUSA-BG.mp3 इन्द्रियाणि मनो बुद्धिरस्याधिष्ठानमुच्यते। एतैर्विमोहयत्येष ज्ञानमाव...

Jan 17, 2018

03-38-39

https://archive.org/download/BhagavadGitaSanskrit/03-38-39-SBUSA-BG.mp3 धूमेनाव्रियते वह्निर्यथाऽऽदर्शो मलेन च। यथोल्बेनावृतो गर्भस्तथा तेने...

Jan 10, 2018

03-36-37

https://archive.org/download/BhagavadGitaSanskrit/03-36-37-SBUSA-BG.mp3 अर्जुन उवाच अथ केन प्रयुक्तोऽयं पापं चरति पूरुषः। अनिच्छन्नपि वार्ष्...

Jan 3, 2018

03-35

https://archive.org/download/BhagavadGitaSanskrit/03-35-SBUSA-BG.mp3 श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्। स्वधर्मे निधनं श्रेयः प...

Dec 27, 2017

03-34

https://archive.org/download/BhagavadGitaSanskrit/03-34-SBUSA-BG.mp3 इन्द्रियस्येन्द्रियस्यार्थे रागद्वेषौ व्यवस्थितौ। तयोर्न वशमागच्छेत्तौ...

Dec 20, 2017

03-33

https://archive.org/download/BhagavadGitaSanskrit/03-33-SBUSA-BG.mp3 सदृशं चेष्टते स्वस्याः प्रकृतेर्ज्ञानवानपि। प्रकृतिं यान्ति भूतानि निग्...

Nov 8, 2017

03-31-32

https://archive.org/download/BhagavadGitaSanskrit/03-31-32-SBUSA-BG.mp3 ये मे मतमिदं नित्यमनुतिष्ठन्ति मानवाः। श्रद्धावन्तोऽनसूयन्तो मुच्यन्...

Nov 1, 2017

03-30

https://archive.org/download/BhagavadGitaSanskrit/03-30-SBUSA-BG.mp3 मयि सर्वाणि कर्माणि संन्यस्याध्यात्मचेतसा। निराशीर्निर्ममो भूत्वा युध्य...

Oct 25, 2017

03-29

प्रकृतेर्गुणसम्मूढाः सज्जन्ते गुणकर्मसु। तानकृत्स्नविदो मन्दान्कृत्स्नविन्न विचालयेत्।।3.29।।

Sep 9, 2016

03-28

तत्त्ववित्तु महाबाहो गुणकर्मविभागयोः। गुणा गुणेषु वर्तन्त इति मत्वा न सज्जते।।3.28।।

Sep 2, 2016

03-27

प्रकृतेः क्रियमाणानि गुणैः कर्माणि सर्वशः। अहङ्कारविमूढात्मा कर्ताऽहमिति मन्यते।।3.27।।

Aug 26, 2016

03-26

न बुद्धिभेदं जनयेदज्ञानां कर्मसङ्गिनाम्। जोषयेत्सर्वकर्माणि विद्वान् युक्तः समाचरन्।।3.26।।

Aug 19, 2016

03-25

सक्ताः कर्मण्यविद्वांसो यथा कुर्वन्ति भारत। कुर्याद्विद्वांस्तथासक्तश्िचकीर्षुर्लोकसंग्रहम्।।3.25।। https://www.youtube.com/watch?v=RGAzlsvT...

Aug 12, 2016

03-22-23-24

न मे पार्थास्ति कर्तव्यं त्रिषु लोकेषु किञ्चन। नानवाप्तमवाप्तव्यं वर्त एव च कर्मणि।।3.22।।

Aug 5, 2016

03-21

यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते।।3.21।।

May 13, 2016

03-20

कर्मणैव हि संसिद्धिमास्थिता जनकादयः। लोकसंग्रहमेवापि संपश्यन्कर्तुमर्हसि।।3.20।।

May 13, 2016

03-18-19

नैव तस्य कृतेनार्थो नाकृतेनेह कश्चन। न चास्य सर्वभूतेषु कश्िचदर्थव्यपाश्रयः।।3.18।। तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर। असक्तो ह्याचरन्कर्म...

May 13, 2016

03-17

यस्त्वात्मरतिरेव स्यादात्मतृप्तश्च मानवः। आत्मन्येव च सन्तुष्टस्तस्य कार्यं न विद्यते।।3.17।।

Apr 1, 2016

03-16

एवं प्रवर्तितं चक्रं नानुवर्तयतीह यः। अघायुरिन्द्रियारामो मोघं पार्थ स जीवति।।3.16।।

Mar 25, 2016

03-14-15

अन्नाद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसम्भवः। यज्ञाद्भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्मसमुद्भवः।।3.14।। कर्म ब्रह्मोद्भवं विद्धि ब्रह्माक्षरसमुद्भवम्। तस्म...

Mar 18, 2016